[caption id="attachment_10719" align="aligncenter" width="1200"]APAAR ID Card APAAR ID Card[/caption] APAAR ID Card: भारत में आधार कार्ड की तरह ही अब APAAR ID भी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र बन गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस पहचान प्रणाली को 2023 में लागू किया गया जिससे इसे वन नेशन, वन आईडी के रूप में देखा जा रहा है। देशभर में इसकी अनिवार्यता तय कर दी गई है ताकि सभी छात्रों को एकीकृत और डिजिटल पहचान मिल सके। अगर आप एक छात्र हैं या किसी छात्र के माता-पिता हैं तो इस APAAR ID को जल्द से जल्द बनवाना जरूरी है क्योंकि यह भविष्य में शिक्षा से जुड़े कई बेनेफिट्स और सुविधाएं प्राप्त करने के लिए काम आएगी।

क्या है अपार कार्ड (APAAR ID Card) और क्यों है जरूरी?

APAAR ID यानी ऑटोमेटेड पर्मानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्रेशन भारत के सभी छात्रों के लिए एक विशेष डिजिटल पहचान प्रणाली है। यह 12 अंकों का यूनिक आईडी कोड होता है जो छात्र की पूरी शैक्षणिक सत्र को एक ही जगह डिजिटल रूप रखता है। इस आईडी में मार्कशीट, डिग्री, सर्टिफिकेट, पुरस्कार, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक क्रेडिट जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं। सरकार ने इसे 'वन नेशन, वन आईडी' के तहत लागू किया है जिससे छात्रों को अपनी शैक्षणिक जानकारी कहीं भी और कभी भी आसानी से मिल जाती है।

APAAR ID बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज

अगर आप APAAR ID बनवाना चाहते हैं तो आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होगी। ये दस्तावेज आपकी पहचान और शैक्षणिक जानकारी को सत्यापित करने के लिए अनिवार्य हैं।

आवश्यक दस्तावेज

अपार कार्ड बनवाने का तरीका

APAAR ID कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए अनिवार्य है लेकिन इसे छात्र खुद नहीं बना सकते। इसकी पूरी प्रक्रिया स्कूल के जरिए की जाती है। पहले स्कूल एक सहमति फॉर्म (Consent Form) देता है जिसे माता-पिता को भरना होता है और साथ में माता-पिता और छात्र का आधार कार्ड जमा करना जरूरी होता है। इसके बाद स्कूल खुद APAAR ID के लिए आवेदन करता है और यह ID छात्र के DigiLocker अकाउंट में जारी कर दी जाती है। अगर आपने 12वीं के बाद अब तक यह ID नहीं बनवाई है तो घबराने की जरूरत नहीं आप इसे घर बैठे ऑनलाइन या DigiLocker ऐप के जरिए आसानी से बना सकते हैं। यह ID आपके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटली सुरक्षित रखती है।