[caption id="attachment_10723" align="aligncenter" width="1200"]CBSE Passing Marks Criteria CBSE Passing Marks Criteria[/caption] CBSE Passing Marks Criteria: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं इस साल 15 फरवरी से आयोजित की जा रही हैं। इस बार बोर्ड ने पहले ही एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले कोई असुविधा नहीं होगी। 10वीं के पेपर 18 मार्च तक चलने वाले है जबकि 12वीं के पेपर 4 अप्रैल तक चलेगे। जिससे छात्रों को तैयारी करने के लिए पूरा समय मिलेगा। जो स्टूडेंट्स इस साल बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं उनकी तैयारी अब अंतिम चरण में है।

जाने पास होने के लिए कितने मार्क्स लाने है जरूरी / CBSE Passing Marks Criteria

इस समय बहुत से छात्रों के दिमाग में एक सवाल घूम रहा है कि आखिर बोर्ड एग्जाम में पास होने के लिए कम से कम कितने अंक चाहिए होंगे? अगर आपका भी यही सवाल है तो आपको सीबीएसई बोर्ड के पासिंग क्राइटेरिया के बारे में जानना जरूरी है। आप भी परीक्षा में शामिल होने वाले है तो समझ लीजिए की 10वीं की परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के मार्क्स को मिलाकर कम से कम 33% मार्क्स लाने होगे। वहीं यदि आप 12वीं परीक्षा में शामिल होने वाले है तो थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षा में अलग-अलग 33% मार्क्स लाकर ही पास किया जाएगा। इसलिए छात्रों को ये समझना चाहिए कि सिर्फ थ्योरी एग्जाम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल एग्जाम में भी अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी है।

जान लीजिए सीबीएसई का ग्रेडिंग सिस्टम

जो छात्र इस परीक्षा में शामिल होने वाले है उन छात्रों के लिए सीबीएसई के ग्रेडिंग सिस्टम जानना जरूरी है। इससे परीक्षा देने छात्रों को आसानी होगी। सीबीएसई की परीक्षा प्रणाली में छात्रों का मूल्यांकन थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह से किया जाता है और इसके लिए अंक तथा ग्रेड दोनों का उपयोग किया जाता है। External Exam में छात्रों को अंक और ग्रेड दोनों दिए जाते हैं जबकि Internal Assessment में सिर्फ ग्रेड ही दिखाए जाते हैं। यह प्रणाली छात्रों को उनकी वास्तविक परफॉर्मेंस समझने मदद करती है। ग्रेडिंग स्केल की बात करें तो External Exam में A1 से E तक का नौ-पॉइंट स्केल लागू होता है जबकि कक्षा 10 के Internal Assessment में A, B, C, D, E का पांच-पॉइंट स्केल प्रयोग होता है। इसके अलावा छात्रों को प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है ताकि वे पास हो सकें। खासकर प्रैक्टिकल विषयों के लिए छात्रों को थ्योरी, प्रैक्टिकल और कुल मिलाकर अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे तभी वे उस विषय में उत्तीर्ण हो सकते हैं।

ग्रेड आवंटन प्रक्रिया

सीबीएसई की ग्रेडिंग प्रणाली में छात्रों को उनके प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न ग्रेड दिए जाते हैं। इनमें से A1 ग्रेड उन छात्रों को दिया जाता है जो उत्तीर्ण छात्रों में से शीर्ष 1/8वें स्थान पर आते हैं। इसके बाद A2 से लेकर D2 तक के ग्रेड दिए जाते हैं जो हर बार अगला 1/8वां हिस्सा होते हैं। C1 और C2 ग्रेड भी इसी क्रम में आते हैं। अंत में जो छात्र फेल होते हैं उन्हें E ग्रेड आवंटित किया जाता है।

10 दिन के अंदर ऐसे करें बोर्ड एग्जाम की तैयारी / CBSE exam preparation tips in 10 days

बोर्ड एग्जाम के सब सिर्फ 10 दिन बचे है ऐसे में छात्रों को अब इस 10 दिन में सीबीएसई की ओर से जारी किए गए क्वेश्चन बैंक को सोल्व करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। क्वेश्चन बैंक के लिए छात्र नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है। CBSE Question Bank: CLICK HERE Learn More: APAAR ID Card: स्टूडेंट्स के लिए APAAR ID कार्ड क्यों है जरूरी और इसे कैसे बनवाये, जानें फायदे एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया