[caption id="attachment_10721" align="aligncenter" width="1200"]New Tax Regime Calculation New Tax Regime Calculation[/caption] New Tax Regime Calculation: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में मिडिल क्लास लोगो को भर भर के बड़ी राहत दी है। इस बार 12 लाख रुपये तक की वार्षिक इनकम को वित्त मंत्री ने टैक्स फ्री कर दिया है। अगर आप 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी इसमें जोड़ लेते है तो कुल मिलाकर आपकी 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी। यह खबर सुनकर कई लोग दुविधा में हैं क्योंकि न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की इनकम पर 10% टैक्स लगता है। तो सवाल ये है कि 12.75 लाख रुपये की कमाई टैक्स फ्री कैसे हो सकती है? चलिए इसे आसान तरीके से समझते हैं।

न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स के स्लैब / New Tax Regime Calculation

न्यू टैक्स रिजीम के तहत 0 से 4 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता। 4 से 8 लाख रुपये तक की कमाई पर 5% टैक्स लागू होता है। 8 से 12 लाख रुपये तक की कमाई पर 10% टैक्स लगाया जाता है। जब आपकी कमाई 24 लाख रुपये से ज्यादा हो तो आपको 30% टैक्स देना होता है।

12.75 लाख तक टैक्स फ्री कैसे

इनकम टैक्स सेक्शन 87A के तहत करदाताओं को टैक्स रिबेट मिलती है। ओल्ड टैक्स रिजीम में यह रिबेट 12,500 रुपये तक की थी, जबकि न्यू टैक्स रिजीम में यह बढ़कर 60,000 रुपये हो गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपकी टैक्स देनदारी 60,000 रुपये से कम है, तो आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा। अब इस बात को और आसान तरीके से समझते हैं। मान लीजिए आपकी 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई है तो इसे कैसे टैक्स फ्री किया जा सकता है आइए जानते हैं:

कैसे होती है टैक्स की गणना? / New Tax Regime Calculation

इसका मतलब यह हुआ कि आपकी 12 लाख रुपये तक की कमाई पर आपको 60,000 रुपये टैक्स देना होगा। लेकिन न्यू टैक्स रिजीम में सरकार आपको 60,000 रुपये की पूरी छूट दे देती है। अब अगर आप 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ते हैं तो आपकी 12.75 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पूरी तरह से टैक्स फ्री हो जाएगी। इस तरह से अगर आपकी सालाना आय 12.75 लाख रुपये है तो आप एक भी रुपया टैक्स नहीं देंगे।

कैसे मिलेगा टैक्स रिबेट का बेनेफिट्स

टैक्स रिबेट का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको कुछ सरल चरणों का पालन करना होगा। इनकम टैक्स सेक्शन 87A के तहत यह रिबेट मिलती है। इसके लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना होता है। यह रिटर्न ऑनलाइन या टैक्स कंसल्टेंट के माध्यम से भरा जा सकता है।

Learn More: APAAR ID Card: स्टूडेंट्स के लिए APAAR ID कार्ड क्यों है जरूरी और इसे कैसे बनवाये, जानें फायदे एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया