UNESCO Memory of the World Register[/caption]
UNESCO Memory of the World Register: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक मंच पर एक बड़ी मान्यता मिली है। UNESCO Memory of the World Register में अब भगवद गीता और भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। यह न सिर्फ भारतीय संस्कृति के लिए सम्मानजनक उपलब्धि है बल्कि दुनिया भर में भारतीय दर्शन और कलाओं की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।
UNESCO Memory of the World Register में भगवद गीता और नाट्यशास्त्र का हुआ नामांकन, पीएम मोदी ने बताया गर्व का क्षण
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UNESCO Memory of the World Register: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक मंच पर एक बड़ी मान्यता मिली है। UNESCO Memory of the World Register में अब भगवद गीता और भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। यह न सिर्फ भारतीय संस्कृति के लिए सम्मानजनक उपलब्धि है बल्कि दुनिया भर में भारतीय दर्शन और कलाओं की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।
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UNESCO Memory of the World Register: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक मंच पर एक बड़ी मान्यता मिली है। UNESCO Memory of the World Register में अब भगवद गीता और भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। यह न सिर्फ भारतीय संस्कृति के लिए सम्मानजनक उपलब्धि है बल्कि दुनिया भर में भारतीय दर्शन और कलाओं की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।